मंगलवार, अप्रैल 01, 2014

चुनाव है क्या

नफरतें कौमों के बीच यकबयक बढ़ गई  
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ?  

अमीर बैचैन हैं गरीबों के फिक्र से 
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ?  

गिरगिट रंग बदलते हुए शरमाने लगे 
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ?  

भरी दुपहरी पाले बदल रहे सफेदपोश
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ?  

नेताजी ने तन्हा हुश्न को बहनजी कहा 
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ?  

पाँच साल से खोये हजरत हाथ जोड़े दिखे
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ?  

मैखाने सूने हैं, पर बस्ती है मदहोश 
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ? 

जेबें खाली पर झोलों में भरी हुई बोतल
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ? 

अपने शे'र में एक ही जुमला बार बार कहे 
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ? 

सेहन-ए-मस्जिद में "काफिर" बहका बहका है 
यार जरा पता तो करो चुनाव है क्या ?


1 टिप्पणी:

  1. संजय भैया हमारे आज कल जरा दूर दूर रहते हैं,
    काफी व्यस्त रहते हैं,
    यार ज़रा पता तो करो चुनाव है क्या???

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